समण गांव के 320 परिवारों पर पीएमजीएसवाई की लापरवाही भारी पड़ रही है। पुल के अभाव में समण गांव के लोगों का सड़क का सपना अधूरा रह गया है। लोगों को पांच किमी की दूरी तय कर बाजार से सामान ढोना पड़ रहा है।
भिलंगना ब्लॉक के समण गांव के लिए 2015 में सड़क निर्माण की सौगात मिली थी। चार करोड़ 33 लाख की लागत से धोपड़धार से समण गांव तक छह किमी सड़क निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने प्रथम चरण में 2018 में छह किमी सड़क का निर्माण पूरा कर दिया है, लेकिन सड़क के बीच में पड़ने वाली भिलंगना नदी पर पुल निर्माण न होने से धोपड़धार-समणगांव मोटर मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। पुल के अभाव में सड़क निर्माण का गांव के लोगों को कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
2019 में भिलंगना नदी पर पुल निर्माण के लिए चार करोड़ 26 लाख की मंजूरी मिली थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में विलंब के चलते नवंबर 2020 में कार्यदायी संस्था ने पुल निर्माण शुरू कर एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा था। पुल का बेसमेंट बनाने के बाद ठेकेदार ने बीते जून में पुल निर्माण करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
जिला पंचायत सदस्य सीता रावत, भजन सिंह रावत का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले पुल निर्माण करना आवश्यक था। जब तक धोपड़धार के नीचे भिलंगना नदी पर पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक सड़क की कोई भी उपयोगिता नहीं है।
धोपड़धार-समण गांव मोटर मार्ग पर भिलंगना नदी पर पुल निर्माण में लॉकडाउन के कारण पहले विलंब हुआ। ठेकेदार ने अब काम करने से मना कर दिया। दोबारा से पुल टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरवरी 2022 तक पुल तैयार हो पाएगा।
-संजय श्रीवास्तव, ईई पीएमजीएसवाई टिहरी
विभागीय अधिकारियों ने पिछले माह संज्ञान में लाया कि ठेकेदार ने पुल निर्माण करने से मना कर दिया है। यदि 15 दिन में पीएमजीएसवाई ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
-शक्ति लाल शाह, विधायक घनसाली