फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना का काम अधूरा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा-मसूरी फलपट्टी क्षेत्र अब पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है, जिससे वहां आए दिन होटल, कॉटेज और टेंट कालोनियों की संख्या बढ़ने के साथ ही पेयजल की किल्लत भी बढ़ती जा रही है। पुरानी पड़ चुकी पंपिंग योजनाएं और हैंडपंप फल पट्टी क्षेत्र के गांव और उभरते पर्यटन उद्योग की जलापूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को लंबे समय से सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना का इंतजार है, लेकिन लापरवाह पेयजल निगम, योजना को तय समय पर नहीं बना पाया है।
विज्ञापन

चंबा-मसूरी फलपट्टी क्षेत्र अब पर्यटन उद्योग में तब्दील हो रहा है। क्षेत्र के आराकोट से चोपड़ियालगांव, काणाताल, कद्दूखाल से धनोल्टी तक होटल, कॉटेज और टेंट कालोनियों का जाल बिछ गया है। कांणाताल, चोपड़ियाल गांव और कद्दूखाल के आसपास गांवों के लिए वर्षों पहले बनाई गई पेयजल पंपिंग योजना पुरानी होने और लगातार होटलों की संख्या बढ़ने से उस क्षेत्र की पानी की डिमांड पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के 28 गांव के लोगों को वर्ष 2016 में स्वीकृत सुरकंडा पंपिंग योजना का इंतजार है। स्थानीय लोग जहां पुरानी पंपिंग योजना और हैंडपंपों से प्यास बुझा रहे हैं, वहीं होटल व्यवसायी टैंकरों से मंहगा पानी खरीदने को मजबूर हैं। उनियाल गांव के पूर्व प्रधान ताजनारायण उनियाल ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी को हर सीजन में पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है, बावजूद पेयजल निगम चंबा लापरवाह बना हुआ है।
सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना का अधिकतर काम पूरा हो गया है। हटवाल गांव में विवाद होने के कारण देर हुई, लेकिन अब विवाद सुलझ गया है। वहां लाइन बिछाने का काम चल रहा है, तीन माह के भीतर टेस्टिंग शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- केशवानंद सेमवाल, ईई पेयजल निगम चंबा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें