थौलधार ब्लाक में मंजखेत से मौरियाणा तक पांच किमी सड़क नहीं बनाए जाने से काश्तकार खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से वंचित गांव के काश्तकार बड़ी मात्रा में नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं, लेकिन मोटर मार्ग नहीं होने से उन्हें अपनी उपज सड़क तक पहुंचाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि से लगातार सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग कोई रुचि नहीं ले रहा है।
थौलधार ब्लाक में लालुरी से मंजखेत तक वर्ष 2008 में सड़क बनाई गई थी। उसके बाद से सिलगांव, गडकुली, वल्ला और धनचोली के ग्रामीण मंजखेत से आगे मौरियाणा तक पांच किमी सड़क बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लोनिवि इसमें कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
मंजखेत के प्रधान रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि सड़क बनाने के लिए ग्रामीण जमीन देने को तैयार हैं, जिसमें एक किमी वन भूमि पड़ती है, लेकिन लोनिवि वन विभाग से एक किमी की एनओसी भी नहीं ले पा रहा है। सड़क नहीं होने से बीमार लोगों को सड़क पहुंचाना मुश्किल होता ही है। पांच किमी सड़क बन जाती, तो उन्हें ब्लाक मुख्यालय कंडीसौड़ और बाजार चिन्यालीसौड़ आनाजाना आसान हो जाता। इस बाबत लोनिवि चंबा के सहायक अभियंता किशोर कुमार ने कहा कि वन विभाग को भेजा गया है। रेंज अधिकारी आशीष डिमरी ने बताया कि सड़क का प्रस्ताव सर्किल ऑफिस भेजा गया है।
सड़क को लेकर कुछ दिनों तक ग्रामीणों का विवाद रहा। अब विवाद सुलझा दिया गया है। लोनिवि और वन विभाग को सड़क के प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सभी औपचारिकता पूरी होते ही सड़क निर्माण जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
-प्रीतम पंवार, विधायक, धनोल्टी।