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स्यालगी स्कूल से बैरंग लौट रहे छात्र

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प्रतापनगर के प्राथमिक विद्यालय स्यालगी में ताला लगा होने के कारण बैरंग लौटे छात्र-छात्राएं। - फोटो : NEW TEHRI
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कोरोना के कारण डेढ़ साल से बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों के ताले भले ही 21 सितंबर से छात्र-छात्राओं के लिए खुल गए हैं, लेकिन रौणद रमोली पट्टी के प्राथमिक विद्यालय स्यालगी के ताले खुलवाने में शिक्षा विभाग के अधिकारी नाकाम रहे। स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से छात्र-छात्राओं को निराश लौटना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली पर अभिभावकों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। जल्द ही स्कूल में शिक्षकों की तैनाती न होने पर अभिभावकों ने बीईओ कार्यालय में बच्चों सहित धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
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बीडीसी सदस्य आरती देवी ने बताया कि गांव में बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्राम पंचायत की बैठक में बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय स्यालगी को खोलने का प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग को सौंपा गया। शिक्षा विभाग के मानकों को पूरा करते हुए स्कूल में 17 बच्चों को दाखिला दिलवाने संबंधी सूची विभाग को दी, लेकिन बंद पड़े स्कूल के ताले खुलवाने में विभागीय अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। सोमवार को स्कूल में पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राएं पहुंचे, लेकिन वहां ताला लगा होने के कारण बच्चों को निराश लौटना पड़ा। बीईओ विनोद मटूड़ा ने बताया कि स्कूल खुलवाने संबंधी सभी पत्रावलियां जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक के कार्यालय को भेजी गई है, लेकिन डीईओ बेसिक से स्कूल खोलने के संबंध में कोई भी आदेश प्राप्त नहीं हुए है।
प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 115 शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। 15-20 दिनों में स्यालगी स्कूल में शिक्षक की तैनाती कर दी जाएगी। दूसरे चरण में 273 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है।
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-एसएस बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक टिहरी
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