पुस्तकालय की बेहरी में खर्च किए जा रहे है 20 लाख
नई टिहरी। सौ साल पुराना श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय जल्द ही हाईटेक होने जा रहा है। पुस्तकालय को बेहतर बनाने का कार्य शुरू हो गया है। पुस्तकालय का स्वरूप बदलने के लिए जिला प्रशासन 20 लाख की धनराशि खर्च करने जा रहा है पुस्तकालय में टिहरी जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने से लेकर ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने की सुविधा मिलेगी।
श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय में 100 साल पुराने दुर्लभ दस्तावेज उपलब्ध हैं लेकिन संरक्षण के अभाव में कई दस्तावेज खराब होने लगे हैं। बीते जुलाई में डीएम मयूर दीक्षित ने पुस्तकालय का निरीक्षण कर इसे हाईटेक बनाने का निर्णय लिया था। पुस्तकालय को हाईटेक बनाने की डीएम की यह मुहिम अब धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगी है।
बता दें पुरानी टिहरी शहर में लोगों को पुस्तकालय की सुविधा देने को तत्कालीन टिहरी नरेश नरेंद्र शाह ने 1923 में पुस्तकालय की स्थापना की थी। 2004-05 में पुरानी टिहरी डूबने के बाद पुस्तकालय को नई टिहरी के बौराड़ी घंटाघर के समीप शिफ्ट किया गया। सूचना क्रांति के इस दौर में युवाओं की पुस्तकालय जाने की आदत भी कम होती गई। श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय में लगभग 20 हजार पुस्तकों का संकलन है।
डीएम और सीडीओ ने लिया पुस्तकालय का जायजा
डीएम ने बताया कि करीब 20 लाख की लागत से पुस्तकालय को हाईटेक बनाया जा रहा है। अब तक 14 हजार किताबों की इंडेक्सिंग हो गई है। पुस्तकालय में उपलब्ध सभी पुस्तकों को ऑनलाइन किया जा रहा है। पुस्तकालय में कंप्यूटर कक्ष, अलग-अलग कैटागिरी के लिए कैटलॉग, नर्सरी और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए डिस्प्ले बोर्ड, फन बुक आदि की व्यवस्था की जा रही है। पुस्तकालय में टाइल्स, लकड़ी की आलमारियां, लाइटिंग के साथ-साथ फर्नीचर और रंग-रोगन भी किया जा रहा है। नए साल 2024 के जनवरी में पुस्तकालय पूरी तरह से नए स्वरूप में नजर आएगा।