कोरोनाकाल के दौरान जिले के रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिकतम 20 अभिलेख ही पंजीकरण करने की पाबंदी को हटाने की मांग की गई है। अधिवक्ता जयवीर सिंह रावत ने इस संबंध में सीएम को ज्ञापन भेजा।
अधिवक्ता जयवीर सिंह रावत ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा कम होने के बाद शासन से जारी एसओपी में काफी छूट दी गई है, लेकिन निबंधन कार्यालय में अभी तक पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के तहत अधिकतम 20 दस्तावेजों के ही पंजीकरण कराने की व्यवस्था चल रही है। उन्होंने कहा कि लोनिवि, पीएमजीएसवाई विभाग के साथ ही अन्य कई प्रकार के दस्तावेजों का पंजीकरण कराने के लिए कई बार एक दिन में 20 से अधिक लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन पूर्व में जारी निर्देशों के तहत कई लोगों को लौटना पड़ रहा है। इस बाबत रजिस्ट्रार अमित कपूर ने कहा कि किसी भी प्रकार की छूट के बाबत मुख्यालय से ही निर्णय लिया जाना है।