सुरकंडा मंदिर प्रबंधक समिति ने वहां तैनात पुलिस पर मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पुलिस की ओर से मंदिर समिति की जमीन कब्जाने का प्रयास किया गया था। समिति के विरोध जताने पर पुलिस ने भविष्य में मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने का आश्वासन दिया था। बावजूद इन दिनों पुलिस वहां घेरबाड़ कर मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास कर रही है।
सुरकंडा मंदिर समिति ने एडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि सुरकंडा देवी मंदिर के प्रांगण और मुख्य गेट की तरफ काफी कम जगह है, जिससे पिछले गेट की तरफ खाली जमीन पर ही देव डोलियां एकत्रित होती हैं और वहां रात्रि जागरण व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही भंडारा आदि का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस उस जमीन को अपने कब्जे में ले लेती है, तो देव डोलियों के साथ ही रात्रि जागरण और भंडारा आदि लगाने के लिए जगह नहीं मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस आवंटित जमीन पर कुछ निर्माण करती है, तो मंदिर समिति को कोई एतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि मेला स्थल की जमीन पर जबरन घेरबाड़ की गई, तो क्षेत्र के लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में विजय जड़धारी, जितेंद्र सिंह नेगी, उत्तम सिंह जड़धारी, जीत सिंह, गिरवीर चंद रमोला, विनोद सिंह और रामकृष्ण डबराल आदि शामिल थे। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक राजन सिंह का कहना है कि पुलिस को जितनी जगह आवंटित होगी। उसी का सीमांकन कर रहे होंगे। जमीन का नापजोख कर समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।