भिलंगना ब्लाक में महासरताल धार्मिक और साहसिक पर्यटन पैदल यात्रा शनिवार को बूढ़ाकेदार से शुरू हुई। हर साल होने वाली दो दिवसीय धार्मिक यात्रा में शामिल सात गांव के लोग ढोल-दमाऊं के साथ रात नौ बजे महासरताल पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद आज रविवार को गंगा दशहरे पर क्षेत्र की खुशहाली के लिए हवन-यज्ञ के साथ पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रसाद वितरण के बाद डोली यात्रा विशन गांव पहुंचकर डोली महासरनाग मंदिर में विराजमान होगी।
क्षेत्र के ग्राम थाती-बूढ़ाकेदार, विशन, कोट, भिगुन-दल्ला, जखाणा, तोली और तितरूणा के ग्रामीण बूढ़ाकेदारनाथ मंदिर में ढोल-दमाऊ और रणसिंगे के साथ एकत्रित हुए। वहां ढोल-दमाऊं की थाप पर अवतरित देवता की अनुमति के बाद यात्रा शुरू हुई। 14 किमी की पैदल यात्रा कोट-विशन होते हुए निकली। थाती के प्रधान सनोप सिंह राणा और चंद्रेश नाथ ने बताया कि डोली यात्रा रात करीब नौ बजे महासरताल पहुंचेगी, वहां पहुंचते ही पहले महासरताल और उसके बाद महासर नाग की बहन मारियाणि ताल की परिक्रमा की जाएगी। उसके बाद महासरनाग की डोली मंदिर में विश्राम करेगी और भक्तगण अलाव के सहारे बैठकर रातभर भजन-कीर्तिन करेंगे। उन्होंने बताया कि मंगा दशहरे के पर्व पर रविवार सुबह शुभ मुुहुर्त पर देव डोली ताल में स्नान उसके बाद श्रद्धालु भी ताल में डुबकी लगाएंगे। हर साल होने वाली इस पैदल डोली यात्रा में क्षेत्र के सैकड़ों लोग शिरकत करते हैं। यात्रा शुरू होने पर घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह ने भी डोली के दर्शन कर मन्नते मांगी। पैदल यात्रा में मंदिर समिति के अध्यक्ष कमल सिंह राणा, भूपेंद्र नेगी, मुकेश नाथ, हार्दिक नेगी सहित कई शामिल हुए।