चंबा-भद्रकाली के बीच भंडारकी गांव के समीप बदहाल बना हाईवे।
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लोनिवि की लापरवाही के चलते कई सड़कों कर निर्माण अटका हुआ है। सड़कों के निर्माण में आ रहे भूमि विवाद से लेकर प्रभावित परिवारों का मुआवजा भुगतान न होने के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। लोनिवि के अधिकारी विवादों का निराकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे सड़क से वंचित ग्रामीणों को लोनिवि के खिलाफ रोष बना हुआ है।
चंबा ब्लॉक के खेमडा निवासी कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पूर्व में कई घोषणाएं हुई, जो आजतक पूरी नहीं हो पाई है। वर्ष 2020 में टिहरी विधायक डा. धन सिंह नेगी ने भागीरथीपुरम-खेमड़ा-कुंडाली पांच किमी सड़क स्वीकृत करवाकर साढ़े तीन करोड़ जारी करवाए थे, लेकिन सड़क निर्माण में जिन ग्रामीणों की भूमि आ रही है उनमें से कुछ तीन-चार परिवारों ने मुआवजा की धनराशि कम होने पर निर्माण रोक दिया। करीब एक साल से सड़क का काम बंद है।
यही स्थिति जाखणीधार ब्लॉक के देवली बैंड-कस्तल-म्यूंडी-मंदार मिसिंग लिंक मोटर मार्ग की भी है। लोनिवि ने करीब साढ़े चार किमी सड़क की दोनों ओर से कटिंग कर दी है, लेकिन मुआवजा भुगतान न होने और सड़क निर्माण से प्रभावित हो रहे तीन-चार आवासीय भवनों के कारण विवाद बना हुआ है। वहीं स्थिति सैंण-लासी-सेम्या मार्ग की है। यह मार्ग भी भूमि विवाद के चलते आपस में नही जुड़ पाया है, जबकि ढुंगमंदार और ओण पट्टी को जोड़ने वाले मांजफ-घोल्डाणी मोटर मार्ग भी मुआवजा भुगतना न होने से विवादों में लटका हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लोनिवि में कई साल पहले उनकी भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम कर दी थी। बावजूद उनके खेतों का मुआवजा भुगतान नहीं किया है। लोनिवि के ईई केएस नेगी का कहना है कि ग्रामीणों के विवाद, सर्किल रेट समेत अन्य कारणों से दिक्कत आ रही है।