नगर पालिका क्षेत्र में निवासरत टिहरी बांध प्रभावित और विस्थापित कब्जाधारियों के लिए राहत देने की तैयारी शुरू हो गई। नगर क्षेत्र में अविकसित भूमि को विकसित कर मकान, दुकान और अन्य तरह के निर्माण करने वाले विस्थापितों के लिए वन टाइम सेटेलमेंट योजना के तहत कब्जे वाली भूमि का विधिवत आवंटन का रास्ता साफ हो गया है। छह माह के अंतर्गत पुनर्वास निदेशालय की ओर से चिह्नित परिवारों को प्राधिकरण में आवेदन कर बाजारी दर से धनराशि जमा करनी होगी।
पत्रकार वार्ता में टिहरी विधायक डा. धन सिंह नेगी ने बताया कि बीते 24 मार्च को प्रदेश सरकार की ओर से बांध प्रभावित और विस्थापितों की समस्या को देखते हुए वन टाइम सेटेलमेंट का शासनादेश जारी कर दिया गया है। कहा कि पुरानी टिहरी डूबने के बाद बने नई टिहरी शहर में पुनर्वास निदेशालय ने अधिकांश विस्थापितों को अविकसित आवासीय और कृषि भूखंड आवंटित कर दिए थे। जबकि पुनर्वास नीति के तहत सभी को विकसित भूखंड आवंटित किए जाने थे। विधायक ने बताया कि वन टाइम सेटेलमेंट योजना के तहत बांध विस्थापितों, प्रभावितों को कब्जे वाली जमीन को बाजार दर से विधिवत आवंटन किया जाएगा। बताया कि आवासीय फ्लैट व प्लाट के निकट 50 प्रतिशत और व्यावसायिक प्लाट के 25 प्रतिशत कब्जे वाली भूमि को इसमें लिया गया है। आवासीय प्लाट की फीस 2500 रुपये और व्यावसायिक प्लॉट की फीस पांच हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, गोपीराम चमोली, रवि सेमवाल, पूर्व प्रमुख बेबी असवाल, कुसुम चौहान, मंजू चंद, राजेश डियूंडी, भूपेंद्र चौहान, राकेश लांबा आदि उपस्थित रहे।