बांध प्रभावितों ने एक्रो फेस्टिवल के आयोजन पर उठाए सवाल
कहा, प्रभावित जर्जर भवनों में रहने के लिए हैं मजबूर
नई टिहरी। टिहरी बांध प्रभावितों ने कोटी काॅलोनी में आयोजित किए जा रहे एक्रो फेस्टिवल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महोत्सव के नाम पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन बांध की झील के कारण जिन लोगों के घर जर्जर हैं उनके प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही है। आज भी ऐसे कई परिवार हैं जिनकी 49.99 प्रतिशत जमीन बांध की झील में डूब गई है लेकिन उन्हें अभी तक उनका पुनर्वास नहीं किया गया है।
टिहरी बांध प्रभावित व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि बांध प्रभावितों को उनके अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। भिलंगना घाटी में कई परिवारों के मकानों में दरारें आने से जर्जर हो गए हैं। जो रहने लायक नहीं है बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सरकार अब प्रभावितों को 74.40 लाख रुपये दे रही है जबकि उनके समकक्ष काश्तकारों को पहले 10 बीघा कृषि और 200 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड आवंटित किया गया था। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि खेती-बाड़ी पर निर्भर ग्रामीण 74 लाख में किस तरह अपनी जीविकोपार्जन कर सकते हैं। सरकार खेलों के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगा रही है।