क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सिंचाई के लिए पानी चालू कराने के लिए डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने अपने विवेकाधीन कोष से 11 लाख 25 हजार की धनराशि आवंटित की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जिले की अधिकांश सिंचाई नहरें आपदा से टूटी पड़ी हैं। बजट के अभाव में सिंचाई विभाग भिलंगना ब्लॉक की केमरा, सिल्यारा नहर की मरम्मत तक नहीं कर पा रहा है। तहसील दिवस, बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में जनप्रतिनिधि क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से उठाते रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए डीएम ने क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत के लिए 11 लाख 25 हजार की धनराशि जारी की है। मुख्य कृषि अधिकारी अभिलाषा भट्ट ने बताया कि डीएम की ओर से जारी बजट से सिंचाई के लिए एचडीपीई पाइप प्रदान किए गए हैं। ताकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नहरों में पानी चालू किया जा सके। बताया कि ग्राम पंचायत मठियाली, मिंडाथ, बुडोगी, खर्की, फलसारी, नीर, क्यारा, बनाली, बेरनी, धारपंयाकोटी में किसानों को सिंचाई के लिए अलग-अलग साइज के एचडीपीई पाइप दिए गए। झालीमाली माता समूह पयालगांव, जय योगेश्वर ग्राम संगठन पजेगांव, जैविक कृषि स्वयं सहायता समूह मैधार, हरियाली कृषि स्वयं सहायता समूह तिमली, मां बागेश्वरी स्वयं सहायता समूह नोडूकाटल, मां बागेश्वरी स्वयं सहायता समूह मजियाड़ी, बनाली, फलसारी, मठियाली, क्यारा में भी किसानों को सिंचाई के लिए एचडीपीई पाइप प्रदान किए गए हैं।