घनसाली में एक चिटफंड कंपनी के संचालक लोगों के दो करोड़ 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। कंपनी में बतौर एडवाइजर कार्यरत एक स्थानीय व्यक्ति ने प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
भिलंगना ब्लाक में केमर पट्टी के ग्राम सरुणा निवासी महिमानंद भट्ट ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि घनसाली में वर्ष 2017 से संचालित जनहित निधि लिमिटेड में वह जनवरी 2019 से बतौर एडवाइजर काम कर रहा था। कंपनी में करीब 500 खाताधारकों के करीब दो करोड़ 30 लाख रुपये जमा थे। शुरूआती दिनों में लोगों को अच्छा रिटर्न मिला। लेकिन पांच साल पूरे होने पर लोगों ने जमा पूंजी वापस मांगनी शुरू की तो कंपनी का मैनेजर चंचल अप्रैल माह में अचानक फरार हो गया।
महिमानंद ने बताया कि वह चेयरमैन अजय यादव से मिलने देहरादून गया था। उन्होंने 15-15 लाख के दो चेक दिए थे, लेकिन वह बाउंस हो गए थे। उसके बाद चेयरमैन ने 10 मई 2021 तक पूरा भुगतान भेजने का भरोसा दिया। लेकिन पैसा नहीं मिला तो वह 18 जून 2021 को मुरादाबाद स्थित कंपनी के मुख्यालय पहुंचा। लेकिन, वहां कोई नहीं मिला।
चेयरमैन के मुख्य सलाहकार अमर सिंह, गैंदा सिंह यादव और चेयरमैन के भाई प्रीतम सिंह यादव से बात की तो उन्होंने भी जल्द पैसा लौटाने का आश्वासन दिया। लेकिन आज तक एक भी पैसा नहीं मिल पाया है।
महिमानंद ने पुलिस को दी तहरीर में कंपनी के चेयरमैन अजय यादव और निदेशक मंडल में शामिल सरिता केसरवानी, रवीश यादव, ममता यादव, मनीष उर्फ अभिषेक यादव और निगम यादव पर दो करोड़ 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष शिवमोहन शाह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।