उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का 12 सूत्री मांगों के निराकरण को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना 22वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
सोमवार को भी आशा कार्यकर्ताओं ने समस्याओं के निराकरण को धरना दिया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर न्यूनतम 21 हजार वेतन, सेवानिवृत्त पर पेंशन, दुर्घटना पर एक मुश्त पैकेज, सीएम की घोषणा के अनुसार भत्ता तत्काल उनके खातों में डालने समेत 12 सूत्री समस्याओं के निराकरण की मांग की। धरने पर जिला सचिव कुसुम सलोनी, अनीता थपलियाल, बीना नेगी, कुसुम धनोला, सुशीला पंवार, पूनम सेमवाल, शशि चौहान, सोनिया तोपवाल, अनीता पंवार, मकानी देवी, बबीता, आशा बैठी रही। संवाद