जौनपुर ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ में अल्ट्रासाउंड होने के बावजूद क्षेत्र के लोगों को 70 किमी दूर देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अस्पताल में लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खा रही है। डॉक्टरों के स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष मात्र पांच ही डॉक्टर तैनात हैं।
जौनपुर ब्लॉक की एक लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए 2010 में थत्यूड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था, लेकिन स्थापना के बाद ही अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही है। अस्पताल में स्त्री रोग और बालरोग विशेषज्ञ न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए 70 किमी दूर देहरादून या 40 किमी दूर मसूरी जाना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड करने के लिए तीन साल पहले लाखों की मशीन खरीदी गई, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड बंद पड़ी है। चुल्लू बागी निवासी रंजीता रावत ने बताया कि उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए पिछले माह मसूरी जाना पड़ा, जब वहां भी अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो फिर देहरादून जाना पड़ा। स्थानीय निवासी सुरेंद्र रावत, एसपी लेखवार, महिपाल सिंह रावत ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. मोहन डोगरा का कहना है कि एक्सरे और अन्य जांच अस्पताल में की जाती है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं।