नई टिहरी। बालगंगा तहसील के एक गांव से नाबालिग को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म के दोषी अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत ने दस साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बालगंगा तहसील के एक गांव की नाबालिग पांच मार्च 2018 को दवाई लेने बाजार गई थी। देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन नाबालिग का कोई पता नहीं लग पाया। 14 मार्च को उसके चचेरे भाई ने घनसाली थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस ने लापता हुई नाबालिग को ढूंढने के लिए उसका मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन देहरादून में ट्रेस हुई। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पता चला कि नाबालिग देहरादून के एक होटल में काम करने वाले युवक के साथ रह रही है। पुलिस ने छापा मारकर होटल से नाबालिग को बरामद किया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के सीरी गांव निवासी ईश्वरी राणा उसे बहला फुसलाकर अपने साथ लाया है। वह कई दिनों से किराये पर कमरा लेकर साथ रह रहे हैं। नाबालिग के मेडिकल में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने 11 गवाह और कई कागजी दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को नाबालिग को जबरन भगाकर उसके साथ बलात्कार करने मामले में दस साल के कठोर कारावास और दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।