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10 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव बनेंगे आदर्श

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जिले के 10 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों को आदर्श बनाने की योजना लंबे समय बाद आखिरकार धरातल उतर गई है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम के लिए चयनित इन गांव में केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से साढ़े 11 करोड़ की लागत से पेयजल, आंगनबाड़ी भवन की स्थापना, सिंचाई नहरें, शौचालय, नाली समेत अन्य विकास कार्य शुरू हो गए हैं।
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केंद्र सरकार ने एससी जनसंख्या वाले गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना 2019 शुरू की थी। जिले से 10 गांव का चयन किया गया था। केंद्र सरकार ने समाज कल्याण विभाग को दो करोड़ की धनराशि भी प्रथम किश्त के रूप में जारी की थी। साथ ही ग्राम्य विकास, पेयजल, उरेडा, शिक्षा, सिंचाई, लघु सिंचाई, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, स्वजल समेत अन्य विभागों को संबंधित गांव में जाकर समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण कार्ययोजना तय समय पर तैयार नहीं हो पाई। नोडल विभाग बनाए गए समाज कल्याण ने अब सभी विभागों के सहयोग से कार्ययोजना बनाकर धनराशि जारी कर दी है। जिले के सभी गांव के लिए 11 करोड़ 29 लाख 49 हजार का प्लान को मंजूरी मिली है।
चयनित गांव का कुल स्वीकृत प्लान
जाखणीधार ब्लॉक के रतोली में 82 लाख 37 हजार, ढुंग खबोगी में 94 लाख 25 हजार, कफलोग में एक करोड़ तीन लाख, भिलंगना के करखेड़ी में 82 लाख 20 हजार, रगस्या में एक करोड़ 54 लाख 19 हजार, चांजी तल्ली में 82 लाख 10 हजार, गनगर में दो करोड़ 73 लाख 58 हजार, प्रतापनगर के गढसिनवाल गांव में 90 लाख 90 हजार, पोखरी रमोली में 87 लाख 60 हजार और 81 लाख 12 हजार मंजूरी हुई है।
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चयनित 10 गांव में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम के लिए प्लान तैयार किया जा चुका है। गांव के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिले बजट के 50 फीसदी धनराशि प्रथम चरण के रूप में कार्यदायी संस्थाओं को जारी की जा चुकी है। साथ ही प्लान में शामिल विभागों ने भी कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।
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-किशन सिंह चौहान, प्रभारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टिहरी
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