उत्तराखंड में हरिद्वार में मृतकों को तिलांजलि देने आए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि केदारनाथ को छोड़कर तीस सितंबर से बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा प्रारंभ कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश, नैनीताल और मसूरी पूरी तरह शांत हैं। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को इन स्थलों पर आना चाहिए।
मंगलवार को हरकी पैड़ी के मालवीय द्वीप पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्रलय ने पूरे विश्व को झकझोर दिया है। प्रदेश सरकार वह सब कुछ कर रही है जो मानव के वश में है।
30 सितंबर से उत्तराखंड के तीन धामों की यात्रा शुरू कर दी जाएगी। केदारनाथ की यात्रा बाद में प्रारंभ होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में सफाई का काम शुरू कर दिया है। चूंकि सभी रास्ते टूटे हैं, अत: हवाई मार्ग से ही राहत दलों को भेजा जा रहा है। अब राज्य का विकास पर्यावरण और यात्रा के दृष्टिकोण को देखते हुए किया जाएगा।
विकास आवश्यक है किंतु पहाड़ों के विनाश की कीमत पर अब कोई कार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि राज्य में मार्ग निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। यह कार्य शुरू भी कर दिया है लेकिन वर्षा बाधक बनी हुई है।
सैन्य बलों के माध्यम से अनेक कार्य अब भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से वार्ता कर उन राज्यों के पीड़ितों की सहायता राशि वहीं भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संदेश भेजा है कि बीमा के दावों के निपटारे में अब वादियों से शपथ पत्र नहीं मांगा जाएगा।
बीमा इकाइयों को वित्त मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि जिले के सभी प्रकरण प्राथमिकता के आधार पर अतिशीघ्र निपटाएं जाएं।
केदारनाथ में शीघ्र प्रारंभ होगी पूजा
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि भगवान केदारनाथ के मंदिर में सफाई और मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा। समूचे केदारनाथ परिसर की सफाई के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना शुरु कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पुनर्वास कार्य में कोई देरी नहीं होगी।