पिथौरागढ़ के मड़ गांव का दसवीं सदी में बना ऐतिहासिक सूर्य मंदिर पर खतरा मंडरा रहा है। मंदिर का एक हिस्सा झुकने लगा है।
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गांव के लोग अपने स्तर से ही मंदिर की सुरक्षा का उपाय तो कर रहे हैं लेकिन उनके इस नाकाफी साबित हो रहे हैं। पुरातत्व विभाग ने मंदिर को अपने संरक्षण में तो ले रखा है बावजूद इसके विभाग भी मंदिर की सुरक्षा की कोई योजना नहीं बना पाया है।
पांडवों ने की थी इस मंदिर की स्थापना
मड़ के सूर्य मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसकी स्थापना पांडवों ने की थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान सूर्य की उपासना इसी स्थान पर की थी। कत्यूरी शैली के इस मंदिर का एक हिस्सा पिछले कुछ वर्षों से एक तरफ झुकने लगा है।
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गांव के लोगों ने मंदिर के आगे सुरक्षा के लिए धर्मशाला का निर्माण भी किया था लेकिन इससे खतरा टला नहीं। मंदिर के पुजारी दीप चंद्र जोशी ने बताया कि मंदिर के सामने वाला हिस्सा धीरे-धीरे झुक रहा है। कहा कि पुरातत्व विभाग को कई बार मंदिर के संरक्षण के लिए पत्र लिखा जा चुका है लेकिन विभाग इसके संरक्षण के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
मंदिर की दशा देखने को टीम भेजेंगे
उपजिलाधिकारी बीएस फोनिया का कहना है कि ऐतिहासिक सूर्य मंदिर की सुरक्षा के लिए समुचित प्रयास किए जाएंगे। एक टीम जल्दी मंदिर को देखने के लिए भेजी जाएगी। उसके बाद प्रशासन अपने स्तर से सुरक्षा के कदम उठाएगा।
सुरक्षा का प्रस्ताव बनाया जाएगा
पुरातत्व विभाग अल्मोड़ा के अन्वेषण सहायक डॉ. सीएस चौहान कहते हैं कि सूर्य मंदिर की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। मंदिर के मूल स्वरूप को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे इसके लिए समुचित प्रयास किए जाएंगे।
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