राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अगर उपभोक्ताओं को गड़बड़ी मिलती है और जिला शिकायत निवारण अधिकारी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं तो वे राज्य खाद्य आयोग से शिकायत कर सकते हैं। आयोग में उनकी अपील निशुल्क दर्ज की जाएगी।
सादे कागज पर स्पष्ट शब्दों में लिखकर लोग आयोग के अध्यक्ष से अपील कर सकते हैं। अपील ई-मेल के माध्यम से भी भेजी जा सकती है। प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चिह्नित कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किग्रा खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसमें तीन रुपये किलो के हिसाब से चावल और दो रुपये किलो के हिसाब से गेहूं दिया जा रहा है। अन्त्योदय कार्डधारकों को 35 किग्रा खाद्यान्न प्रति परिवार दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में गड़बड़ियों के संबंध में शासन-प्रशासन के पास लगातार शिकायतें आ रही हैं।
संतुष्ट नहीं है तो अपील करें दायर
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 15 एवं उत्तराखंड राज्य खाद्य आयोग एवं जिला शिकायत नियमावली 2013 के नियम 13 के अंतर्गत प्रत्येक जिले के मुख्य विकास अधिकारी को जिला शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत चिह्नित परिवारों को खाद्यान्न प्राप्त न होने की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी सुनेंगे और इसका निवारण करेंगे।
यदि कार्ड धारक खाद्यान्न योजना से संबंधित किसी मामले में जिला शिकायत निवारण अधिकारी के आदेश से संतुष्ट न हो तो अधिनियम की धारा 15 (6) के अंतर्गत राज्य खाद्य आयोग में अपनी अपील दायर कर सकता है।
अपील को डाक से उत्तराखंड राज्य आयोग, 1/1 तेग बहादुर रोड, आराघर के पते पर भेजा जा सकता है। साथ ही chairman-ukfc@gov.in पर ई-मेल किया जा सकता है।