विधायक आवास में विधायक का हाल चाल लेने गए विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। हद तो यह हुई कि इस एक घंटे में फोन मिलाने और शोर मचाने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि यह लिफ्ट करीब छह माह पहले ही लगाई गई थी।
इससे नाराज विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को फोन कर नाराजगी जाहिर की। कुंजवाल के मुताबिक मुख्य सचिव ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के मुताबिक वे विधायक नारायण राम आर्य का हालचाल पूछने के लिए विधायक आवास गए थे।
स्पीकर के साथ पांच लोग रहे फंसे लिफ्ट में
जाते समय तो सीड़ियों का प्रयोग किया। लौटते समय लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। तभी लिफ्ट बीच में खराब हो गई। उस समय उनके साथ लिफ्ट में उनका सुरक्षा कर्मी, अल्मोड़ा डीसीबी के चेयरमैन प्रशांत भैंसोड़ा और दो अन्य कांग्रेस पदाधिकारी थे। कुल पांच लोग लिफ्ट में करीब एक घंटे तक फंसे रहे।
इस बीच फोन से संपर्क साधने की भी कोशिश की गई और दरवाजा पीटने के साथ ही हो हल्ला भी मचाया गया। अध्यक्ष के मुताबिक इस एक घंटे के दौरान कोई नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे के बाद कुछ युवाओं ने लिफ्ट के दरवाजे को चाबी का प्रयोग करके खोला।
विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक विधायक आवास की यह लिफ्ट छह माह पहले ही लगाई गई है। इसके बावजूद लिफ्ट का खराब होना हैरान करने वाला है।