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फर्जी फर्म बनाकर समाज कल्याण अधिकारी ने हड़पे 4.20 लाख

Thu, 07 Apr 2016 01:15 PM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में आठ साल पहले तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी नंद किशोर शर्मा पर फर्जी फर्म बनाकर 4.20 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है।
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आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है। यह रकम भी डीएम और सीडीओ की कमेटी की अनुमति लिए बगैर अनुसूचित जनजाति अवस्थापना फंड से निकाली गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने जांच कराई तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

वर्ष 2006-07 में देहरादून में समाज कल्याण अधिकारी रहे नंद किशोर शर्मा के कारनामों की परतें आठ साल बाद धीरे-धीरे खुल रही हैं। इन्हीं में से एक है नारी निके तन घोटाला। शर्मा ने अनुसूचित जनजाति अवस्थापना फंड से नारी निकेतन में कार्यों के लिए चार लाख बीस हजार रुपये लिए, जबकि नारी निकेतन में इस फंड के पैसों से काम किया ही नहीं जा सकता है।
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यदि फंड किसी काम के लिए लेना भी हो तो इसे निकालने के लिए डीएम और सीडीओ की कमेटी से अनुमति लेनी होती है, जो उन्होंने नहीं ली। शर्मा ने नारी निकेतन में खिड़की रिपेयरिंग, बांड्रीवाल कार्य, ग्रिल, दरवाजे लगाने और भूमि समतलीकरण के नाम पर यह राशि ली।

पर इन कार्यों के लिए उन्होंने कोई टेंडर नहीं जारी किए, बल्कि बीके चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी (सहस्त्रधारा) के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर अलग-अलग किश्तों में यह रकम जारी कर दी। इतना ही नहीं विभाग में कार्यपूर्ति रिपोर्ट भी नहीं दी गई। इस बाबत शासन-प्रशासन को अलग-अलग जानकारियां दी गई। शर्मा के इन कार्यों की भनक लगने पर जब आरटीआई लगाई गई तो हकीकत सामने आई।

एनके शर्मा की ओर से किए गए घोटाले के संबंध में जब विभाग में आरटीआई लगाई गई तो सभी चीजें खुलकर सामने आ गई। इसके बाद लिखित शिकायत समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर से की गई। उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई तो सभी आरोप सही पाए गए। यह अकेला मामला नहीं है शर्मा ने कई और घोटाले किए हैं।
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- एसके सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट

मामले की जांच में यह कार्य संदिग्ध पाए गए हैं। जिस फर्म को शर्मा ने पैसे दिए, उस नाम की फर्म ही नहीं है। फर्जी फर्म को नकद भुगतान किए गए। कार्योँ के टेंडर तक नहीं हुए हैं। कुल मिलाकर पैसों को ठिकाने लगाया गया है। घोटाला हुआ है, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर जनजाति कल्याण निदेशालय के अपर सचिव किशन नाथ को सौंप दी गई है। उन्होंने शासन स्तर में
भी जांच रिपोर्ट भेजी है।
- अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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