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सरकार ने टेके घुटने, चाय बागान में नहीं बनेगी स्मार्ट सिटी

Mon, 21 Mar 2016 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

अंतिम समय में ग्रीन फील्ड के विकल्प से किया किनारा।
चाय बागान में र्स्माट सिटी का शुरू से हो रहा था विरोध।
आखिरी समय में इस विकल्प को हटाने में ही सरकार ने समझी अपनी भलाई। 
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स्मार्ट सिटी - फोटो : file photo
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विस्तार
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स्मार्ट सिटी के मामले में राज्य सरकार को आखिरकार विरोधियों के आगे झुकना पड़ा। लोगों के विरोध को देखते हुए ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी बनाने का सपना पाले बैठी राज्य सरकार ने आखिरी समय में इस विकल्प को हटाने में भलाई समझी। 
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चाय बागान में स्मार्ट सिटी का विरोध कर रहे संगठनों और लोगों ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जताई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए प्रदेश से देहरादून का चयन किया गया। 

राज्य सरकार ने पहले चरण में चाय बागान में स्मार्ट सिटी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। हालांकि शुरू से ही ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी के निर्माण का बड़े स्तर पर विरोध हुआ। 
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मजदूरों के हितों और जमीन को लेकर उठ रहें थे सवाल
चाय बागान मजदूरों के हितों और बागान की जमीन के संबंध में तमाम तरह के सवाल उठाए गए। बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि सरकार पर इसका असर नहीं पड़ा। 

उसने ग्रीन फील्ड का प्रस्ताव जमा करवाया। लेकिन केंद्र ने ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी के राज्य सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। बाद में देहरादून समेत 23 शहरों को संशोधित प्रोजेक्ट जमा करने का अतिरिक्त मौका दिया। 

इस बार राज्य सरकार ने ग्रीन फील्ड के बजाय पांच अन्य विकल्प भी दिए और लोगों से वोटिंग की अपील भी की। पहले चार विकल्पों में शहर के अलग-अलग हिस्सों को शामिल किया गया। 

वोटिंग में सबसे आगे है विकल्प 5
पांचवें विकल्प के रूप में ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी और जोन चार में रेट्रोफिटिंग का विकल्प था। छठे विकल्प में रि-डेवलपमेंट था। शुरूआत से ही वोटिंग में विकल्प पांच सबसे आगे चल रहा था। 

हालांकि इस संबंध में तमाम तरह के सवाल उठाए जाते रहे। इस बीच ग्रीन फील्ड में स्मार्ट सिटी के संबंध में लोगों का विरोध जारी रहा।

कुछ दिन पूर्व राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम के सामने भी विरोध जताया था। 
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स्मार्ट सिटी के लिए दिए गए थे विकल्प

स्मार्ट सिटी
विकल्प एक
जोन एक : 5722 एकड़, सहारनपुर रोड और हरिद्वार रोड के बीच रेलवे स्टेशन, रेसकोर्स, विधानसभा, डिफेंस कालोनी, केदारपुरम, मोथरोवाला, अजबपुर, कारगी, ब्राह्मणवाला, बंजारावाला, आईएसबीटी के नजदीक के क्षेत्र।

विकल्प दो
जोन दो : 4409 एकड़, हरिद्वार रोड से घंटाघर होते हुए राजपुर रोड, कैनाल रोड, सहस्रधारा रोड और रिंग रोड के बीच का पूरा क्षेत्र, डालनवाला, नेहरू कालोनी, जोगीवाला, धर्मपुर, केवल विहार, एस्लेहॉल, करनपुर, ईसी रोड, रायपुर और सुभाष रोड के नजदीक के क्षेत्र।

विकल्प तीन
जोन तीन : 3433 एकड़, राजपुर रोड, डायवर्जन रोड, सप्लाई रोड, बिंदाल नदी और चकराता रोड के बीच का क्षेत्र जिसमें डोबालवाला, कालीदास रोड, दिलाराम बाजार, जाखन, कौलागढ़ रोड, किशनगर चौक के समीप का क्षेत्र शामिल है।

विकल्प चार
जोन चार : 3788 एकड़, टी स्टेट का 350 एकड़, चकराता रोड, सहारनुपर रोड और शिमला बाईपास रोड के बीच का क्षेत्र जिसमें घंटाघर, पलटन बाजार, खुड़बुड़ा, झंडा साहिब, लक्ष्मण रोड, इंदिरापुरम, जीएमएस रोड, मोहित नगर, बसंत विहार, राजेंद्र नगर, विजय पार्क, र्साइं लोक , माजरा आदि।

विकल्प पांच
ग्रीन फील्ड और रेट्रोफिटिंग : जोन चार में ही टी स्टेट का 350 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन फील्ड डेवलपमेंट का विकल्प भी दिया गया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में नया शहर बसाया जाएगा। ग्रीन फील्ड के विकास के साथ ही पहले के चार विकल्पों में से एक का चयन करना होगा।
 
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