बलात्कार पीड़िताओं को भले समाज में कुछ लोग बुरी नजर से देखते हैं, उनसे दूरी बनाकर रहते हैं। कई बार ऐसे लोगों से रिश्ते नाते तक तोड़ लेते हैं, लेकिन दून के एक बहादुर बेटे ने इन सब की परवाह किए बगैर हौसला दिखाया और गैंगरेप पीड़िता को जीवन संगिनी बनाकर समाज में मिसाल पेश की है।
मूल रूप से सहारनपुर और अब दून निवासी कर्म सिंह (काल्पनिक नाम) ने गैंग रेप पीड़िता को अपनाकर न सिर्फ उसे पूरा संमान दिया बल्कि इस कानूनी लड़ाई में भी उसका पुरा साथ दिया।
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पत्नी नहीं बल्कि बलात्कारी दोषी
कर्म सिंह बताता है कि शादी से पहले उसकी पत्नी के साथ जो कुछ हुआ उसके लिए उसकी पत्नी नहीं बल्कि बलात्कारी दोषी हैं।
दून में कंप्यूटर पार्ट्स विक्रेता कर्म सिंह के मुताबिक वे एमबीए हैं और सोच समझकर उसने गैंगरेप पीड़िता से शादी का निर्णय लिया। उनके पिता और उसे शादी से पहले घटना की पूरी जानकारी थी।
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वर्ष 2010 को उनकी सगाई और मार्च 2011 को उनका विधि विधान से दून में विवाह हुआ। कर्म बताते हैं कि वे अपनी बहादुर पत्नी का सम्मान करते हैं और आगे भी उसका पूरा सम्मान करते रहेंगे।
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कानूनी लड़ाई में पति ने दिया पूरा साथ
आरोपियों के सलाखों के पीछे जाने से वे खुश हैं। पीड़िता ने अमर उजाला को मोबाइल से हुई बातचीत में बताया कि कानूनी लड़ाई में उसके पति ने उसका पूरा साथ दिया, पति का साथ न मिल पाता तो वे इस लड़ाई को न लड़ पाती।
उसने बताया कि रिसॉर्ट में जिन तीन अज्ञात लोगों ने उसके साथ दुराचार किया फोटो दिखाए जाने पर उन्हें वे पहचान सकती है।