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इस बार बिना परीक्षा दिए ही पास होंगे बच्चे

Fri, 27 Sep 2013 11:39 AM IST
योगेंद्र सिंह/ अमर उजाला, हरिद्वार
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जिले के सरकारी स्कूलों में इस बार कक्षा एक से आठ तक अर्द्धवार्षिक के साथ-साथ वार्षिक लिखित परीक्षा भी नहीं होगी। इन कक्षाओं में पढ़ने वाले एक लाख से ज्यादा बच्चों का मूल्यांकन, शिक्षक अब दक्षता के आधार पर करेंगे।
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परीक्षा करवाने के लिए शासन ने इस बार बजट देने से साफ मना कर दिया है। प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं की लिखित परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका, अंक तालिका और परीक्षा रजिस्टर आदि खरीदने के लिए हर बार शासन से बजट मांगा जाता था।

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इस बार भी सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना कार्यालय की ओर से 111.19 लाख रुपए बजट की मांग की गई। लेकिन जिले को एक पाई भी नहीं दी गई।

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सर्व शिक्षा अभियान के राज्य कार्यालय की ओर से जिले को एक पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि इस बार छात्रों की गतिविधि, दक्षता आधारित मूल्यांकन और शिक्षकों की ओर से मौखिक प्रश्नोत्तर से स्व-आकलन किया जाएगा। जिले के 675 प्राथमिक राजकीय विद्यालयों में 90246 बच्चे पढ़ रहे हैं।
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जबकि 169 जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 16453 है। कुल 844 स्कूलों के 1,06,699 बच्चों को इस बार लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी।

लिखित परीक्षा होती थी बालमैत्री पूर्ण
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) 2009 के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को किसी कक्षा में फेल नहीं किया जा सकता। केवल बाल मैत्रीपूर्ण लिखित परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन किया जाता था।

अक्तूबर तक करना होगा आंकलन
शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर छात्रों का 30 अक्तूबर तक विषयवार आकलन करने के बाद प्रपत्र भरकर नवंबर के प्रथम सप्ताह में संकुलों पर जमा करना होगा। प्रपत्र की एक प्रति विद्यालय में रखी जाएगी। जिला परियोजना की ओर से प्रपत्रों की दो प्रति सितंबर के अंतिम सप्ताह तक सभी विद्यालयों में भेजनी जरूरी होगी।

सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से इस बार प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं की परीक्षा के लिए बजट नहीं भेजा है। इस बार लिखित परीक्षा नहीं कराई जा रही है।
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- डा. पुष्पारानी वर्मा, जिला शिक्षाधिकारी
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