ठंड से किसी यात्री की तबीयत खराब न हो, इसके लिए केदारनाथ पैदल मार्ग से धाम तक संचालित एमआरपी (मेडिकल रिलीफ प्वाइंट) में वॉर्म रूम स्थापित किए जाएंगे। इस सुविधा से हाइपोथर्मिया से पीड़ित मरीज के उपचार में भी मदद मिलेगी।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर नौ एमआरपी संचालित होंगी। इनके लिए दो वर्ष पूर्व स्थायी ढांचा तैयार किया जा चुका है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रत्येक एमआरपी में एक-एक विशेषज्ञ चिकित्सक, फार्मसिस्ट और अन्य कार्मिक तैनात किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार एमआरपी में एक-एक वॉर्म रूम (हीटर रूम) स्थापित किए जाएंगे। जहां पर उच्च क्षमता के दो से चार हीटर लगाए जाएंगे। इस सुविधा से जरूरतमंद यात्रियों को ठंड से बचाने के साथ ही हाइपोथर्मिया की स्थिति में इलाज करने में मदद मिलेगी। यही नहीं, केदारनाथ में चिहिृृत स्थानों पर एमआरपी के साथ-साथ अलग से भी वॉर्म रूम का संचालन किया जाएगा, जहां 6 से 8 हीटर लगाए जाएंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विंधेश कुमार शुक्ला ने बताया कि यात्रा में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से प्रस्ताव शासन व निदेशालय को भेजे जा रहे हैं। इसंवाद