गौरीकुंड राजमार्ग पर कुंड से गुप्तकाशी तक सुधारीकरण कार्य पर उठाए सवाल
जनप्रतिनिधियों व व्यापार संघ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
गुप्तकाशी। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे कुंड से सेमी-भैंसारी तक भू-धंसाव जोन पर चौड़ीकरण व सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है लेकिन कार्य मानकों पर नहीं होने से क्षेत्रीय जनता, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में रोष है। उन्होंने एनएच व कार्यदायी संस्था पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हुए कटाव के कारण कुंड से सेमी-भैंसारी तक तीन किमी हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में है। बीते वर्ष केंद्र सरकार द्वारा इस हिस्से के चौड़ीकरण व मरम्मत के लिए 99 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत की गई थी।
एनएच द्वारा कार्यदायी संस्था के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में राजमार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है लेकिन कार्य को लेकर क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों में रोष है। गुप्तकाशी के व्यापार संघ अध्यक्ष मदन सिंह रावत का कहना है कि भू-धंसाव जोन में सुधारीकरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
सड़क के ऊपरी तरफ तीन फीट चौड़ी नाली तो बनाई जा रही है लेकिन इससे चौड़ाई प्रभावित हो रही है। जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा व गणेश तिवारी का कहना है कि आपदा के बाद से गौरीकुंड हाईवे पर काकड़ागाड़ से सेमी-भैंसारी तक सुधारीकरण के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन राजमार्ग के हालत सुधरने के बजाय और दयनीय होते जा रहे हैं।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर कुंड से सेमी-भैंसारी तक भू-धंसाव जोन में चौड़ीकरण नहीं होना है। यहां बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली बनाई जा रही है। कार्य पहले चरण में चल रहा है। कार्य में तय मानकों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। भू-धंसाव जोन में हाईवे को सीसी किया जाना है।
- निर्भय सिंह, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि, रुद्रप्रयाग