ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ भूस्खलन जोन का चार दशक बीत जाने के बाद भी स्थायी ट्रीटमेंट तो दूर, इसके लिए कार्ययोजना तक नहीं बन पाई है। बारिश से भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है, जिसके चलते बीते 40 घंटे से राजमार्ग पर यातायात ठप है।
बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ में पहाड़ी से लगभग 80 मीटर चौड़ाई और लगभग 200 मीटर ऊंचाई से निरंतर मिट्टी व पत्थर गिरते रहते हैं। बीआरओ द्वारा अक्सर बरसाती सीजन में कोलतार के खाली ड्रमों की दीवार बनाई जाती थी, लेकिन यह कारगर नहीं रही। ऑलवेदर रोड परियोजना में सिरोहबगड़ भूस्खलन जोन से हमेशा से निजात पाने के लिए अलकनंदा नदी के दूसरी तरफ से ढाई किमी बाईपास की योजना बनाई गई, लेकिन यह बाईपास भी कछुआ गति से बन रहा है।
बुधवार रात को हुई तेज बारिश के बाद से सिरोहबगड़ में भूस्खलन जारी है, जिससे बदरीनाथ हाईवे ठप पड़ा है। वाहनों का संचालन खांकरा-छांतीखाल-डुंगरीपंथ और खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग से किया जा रहा है। इन मोटर मार्गों पर भी कई जगह पर भूस्खलन व भूधंसाव जोन खतरे का सबब बने हुए हैं। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि भूस्खलन जोन में मलबे की सफाई के साथ ही दो तरफा सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही पपडासू बाईपास से खांकरा तक राजमार्ग को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।