पिछले दो माह से समय-समय पर हो रही बर्फबारी से हिमालय के मध्य क्षेत्र की तलहटी वाले बुग्यालों को नया जीवन मिला है। यहां कई फीट बर्फ जमा होने से पर्याप्त नमी हो गई है, जिससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों के अच्छे उत्पादन की उम्मीद जगी है।
चोपता, तुंगनाथ, चंद्रशिला, केदारनाथ, खाम बुग्याल, मनणी बुग्याल में जमकर बर्फबारी हुई है। यहां चार से छह फीट तक बर्फ जमा होने से भूमि को पर्याप्त नमी मिल गई है, जिससे यहां होने वाली अतीश, कुटकी, कूट, जटामासी, चोरू, अमेश, चोरू, हथाड़ी, चिरायता आदि दुर्लभ जड़ी-बूटियों को नया जीवन मिला है। गढ़वाल विवि के हैप्रेक के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित और उद्यान विशेषज्ञ नीरज बलूनी ने बताया कि हिमालय क्षेत्र से जुड़े जिलों के बुग्यालों को बर्फबारी से पर्याप्त नमी मिल चुकी है। मौसम की इस मेहरबानी से जड़ी-बूटियों को अधिक शीतलता मिलेगी, जिससे उनमें मिलने वाले एंटी ऑक्सीडेंट सहित अन्य रसायन अच्छी मात्रा में होंगे। साथ ही बुग्यालों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नई घास अच्छी होगी, जिससे बुग्यालों में भूक्षरण रोकने में मदद मिलेगी।