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सोशल वर्कर पद के लिए एक वर्ष की सेवा अनिवार्यता का विरोध

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मेडिकल कॉलेजों में सोशल वर्कर के पद के लिए स्वास्थ्य सेवा में एक वर्ष की सेवा की अनिवार्यता पर छात्र-छात्राओं ने रोष जताया और संशोधन की मांग की। उन्होंने प्रदेश सरकार से कैंपस प्लेसमेंट के तहत सोशल वर्कर के पदों पर नियुक्ति देने की मांग की।
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उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड ने मेडिकल कॉलेजों में सोशल वर्कर के पदों के लिए जारी विज्ञप्ति है लेकिन आवेदन करने वाले समाज कार्य (एमएसडब्लू) के छात्र-छात्राओं के लिए स्वास्थ्य सेवा में एक वर्ष की सेवा की अर्हता रखी गई है, जिस कारण एचएनबी केंद्रीय विवि से समाज कार्य में डिग्री ले चुके व चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राएं आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। छात्रा दीप्ति, अंजलि, माधुरी, किरण, प्रिया, अंकिता, विनय, धुनज आदि का कहना है कि कोरोना के कारण दो वर्षों से कॉलेज स्तर पर कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन चल रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राएं कहां और किस संस्थान से एक वर्ष का अनुभव प्राप्त करते। सामाजिक कार्य के विशेषज्ञ बीएस मनीषा ने कहा कि सोशल वर्कर के पद के लिए व्यवसायिक द्विवार्षिक पाठ्यक्रम समाज कार्य की अर्हता ही अनिवार्य होती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से छात्रहित में जारी विज्ञप्ति में संशोधन कर कैंपस प्लेसमेंट की मांग की।
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