शेरसी व मैखंडा गांव के ग्रामीणों का एनएच व कार्यदायी संस्था के खिलाफ आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने ऑलवेदर रोड परियोजना में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच किए गए चौड़ीकरण कार्य की उच्चस्तरीय जांच, प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शेरसी में नारेबाजी कर मांगों के समर्थन में धरना दिया। उनका कहना था कि जिस तरह से ऑलवेदर रोड परियोजना में गौरीकुंड हाईवे का निर्माण किया गया है, वह विकास के बजाय विनाश का कारण बन रहा है। इन दिनों बरसात के कारण गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच जगह-जगह पत्थर और मलबा गिर रहा है। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और एनएच पर ग्रामीणों की मांग की अनदेखी कर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। धरना देने वालों में अमित अग्रवाल, प्रेमलाल, रमेश लाल, बीरेंद्र भट्ट, सतेश्वर उनियाल, शिशुपाल, पवन कुमार, पूरण लाल शामिल थे।