बरसात से हाईवे समेत संपर्क मोटर मार्गों की हालत दयनीय हो गई है। भूस्खलन, भूधंसाव व बरसाती नालों में उफान से मार्ग जानलेवा बने हुए हैं। ऐसे में ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
जिले में 120 से अधिक संपर्क मोटर मार्गों में से अधिकांश बदहाल हैं। लगातार हो रही बारिश से भूधंसाव व भूस्खलन के कारण खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल-खिर्सू, दैजीमांडा-छांतीखाल-डुंगरीपंथ, बांसबाड़ा-बसुकेदार, गुलाबराय-बौंठा-तूना, कांडई-कमोल्डी-मुलखाखाल, मयाली-गुप्तकाशी, लमगौंडी-देवलीभिणग्राम, नगरासू-डांडाखाल, गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-जाल-चौमासी, बडियारगढ़-धौडंगी-सौंराखाल समेत 90 से अधिक सड़कों की हालत इस कदर खराब है कि लोग जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं।
जिपं सदस्य विनोद राणा, कनिष्ठ प्रमुख शशि सिंह नेगी, ग्राम प्रधान मुलायम सिंह तिंदोरी, पूर्व ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी, नरेंद्र ममगाईं, सामाजिक कार्यकर्ता ओपी भट्ट, महेश सती, संदीप भट्ट का कहना है कि गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्गों की हालत दयनीय होती जा रही है। सुधारीकरण के नाम पर कार्यदायी संस्थाओं द्वारा खानापूर्ति हो रही है। इसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। मार्गों पर स्क्रपर व निकास नालियों का बेहतर इंतजाम नहीं होने से बरसाती पानी लोगों के घरों, खेतों में घुस रहा है। साथ ही आवाजाही में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं। इधर, लोनिवि के ईई मनोज भट्ट व इंद्रजीत बोस और पीएमजीएसवाई के एई विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि उनके डिवीजन में ज्यादातर संपर्क मार्ग बरसात से प्रभावित हुए हैं। आपदा मद में मार्गों के सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।