तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेला का आखिरी दिन मंच मातृ शक्ति के नाम रहा। इस दौरान स्कूली बच्चों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागी टीमों व गणमान्य को सम्मानित भी किया।
जीआईसी के खेल मैदान में मेले के अंतिम दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने किया। उन्होंने कहा कि मेला, हमारी पौराणिक धरोहर हैं, जिनके संरक्षण, संवर्धन व प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने की जरूरत है। अति विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल ने सफल आयोजन के लिए मेला समिति की प्रशंसा की। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता बसंती रावत, सुमन जमलोकी, सरला भट्ट, पूर्व नपं अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, दर्शनी पंवार और ग्राम प्रधान प्रेमलता पंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मेलाध्यक्ष/नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा ने नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पुलिस और युवा शक्ति का आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में पुजारी शिव शंकर लिंग, शिव लिंग, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष आनंद सिंह रावत, प्रकाश रावत, विजेंद्र नेगी, बलवीर रावत, कैलाश पुष्पवाण, दलवीर रावत, टीपी त्रिवेदी, राजकुमार तिवारी, श्याम सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।
गड्गू के नाम रहा वॉलीबाल का खिताब
मेले के दौरान आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के तहत वॉलीबाल प्रतियोगिता का खिताब राजराजेश्वरी क्लब गड्गू के नाम रहा। ऊषा स्पोर्ट्स क्लब ऊखीमठ उपविजेता रहा। संयोजक नवदीप नेगी ने बताया कि इसमें 14 टीमों ने प्रतिभाग किया। दूसरी तरफ स्व. महेश चंद्र तिवारी व स्व. कुलभूषण अवस्थी मेमोरियल बैडमिंटन प्रतियोगिता में श्रीनगर गढ़वाल के विवेक व शुभम की जोड़ी ने डबल स्पर्धा का खिताब अपने नाम किया। उपविजेता तिलवाड़ा के दीपक व लक्ष्मण की जोड़ी रही। आयोजक देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 16 टीमों ने डबल स्पर्धा में प्रतिभाग किया।
स्थानीय उत्पादों को मिला बाजार
मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन के तहत संचालित महिला समूहों के उत्पादों को जमकर बाजार मिला। उन्नति स्वायत्त सहकारिता कोटमा के ऊनी वस्त्र व खाद्य उत्पाद और मधु गंगा स्वयं सहायता समूह मनसूना के रिंगाल के उत्पादों को मेलार्थियों ने खूब खरीदा। आजीविका के ब्लॉक मिशन प्रबंधक मनोज कोठारी एवं मनोज कुंवर ने बताया कि मेलार्थियों ने स्थानीय उत्पादों को खूब पसंद किया।
उद्यान विभाग रहा अव्वल
मद्महेश्वर मेले में सरकारी, गैर सरकारी और स्वयं सहायता समूहों के 22 स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के जरिए तीन दिन तक मेलार्थियों को राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। स्टॉल प्रतियोगिता में उद्यान विभाग ने प्रथम, कृषि विभाग ने द्वितीय और वन विभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संबंधित विभागों को समिति ने प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
फोटो प्रदर्शनी रही खास
मेले में पहली बार पंच केदार, ताल, बुग्यालों एवं प्राचीन मठ-मंदिरों की फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। फोटोग्राफर बबलू जंगली ने बताया कि उन्होंने अपने 30 वर्ष के करियर में संग्रहित की गई फोटो को इस मेले में प्रदर्शनी के रूप में प्रस्तुत किया था। इस दौरान मेलार्थियों ने फोटो की प्रशंसा करने के साथ ही खरीदारी भी की।
देर रात 2 बजे तक चले कार्यक्रम
मद्महेश्वर मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक गजेंद्र राणा व रेनू बाला, विजय पंत और विनोद सती ने एक से बढ़कर एक गीतों से मेलार्थियों का जमकर मनोरंजन किया। देर रात 2 बजे तक चले आयोजन में गजेंद्र राणा ने नंदा जागर से कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए लीला घस्यारी, फुरकी बांद, बबली तेरू मोबाइल आदि गीतों की प्रस्तुतियां दीं।