कोरोनाकाल में जिला मुख्यालय व दूसरे अस्पतालों में अटैच किए गए डॉक्टर तीन माह बाद भी अपने अस्पतालों में नहीं लौटे हैं। ऐसे में केदारघाटी के ज्यादातर अस्पताल वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहे हैं और लोगों को बुखार की दवा तक नसीब नहीं हो रही है।
पलद्वाड़ी, राउंलेक, लमगौंडी के स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों को मई-जून में कोविड ड्यूटी के लिए अन्य क्षेत्रों में भेजा गया था। जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा का कहना है कि तीन माह बीत जाने के बाद भी इन चिकित्सकों की मूल केंद्रों में तैनाती नहीं हो पाई है। मक्कूमठ, पलद्वाड़ी, क्यार्क, उथिंड, गौंडार, रांसी, राउंलेक, उनियाणा, जग्गी, बेडूला, लमगौंडी, देवलीभणिग्राम के लोगों को बुखार की दवा के लिए भी ऊखीमठ व गुप्तकाशी की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डा. स्वेदश रावत ने बताया कि चिकित्सक कोरोना ड्यूटी में हैं। उन्हें मूल केंद्रों में भेजने को लेकर जल्द सीएमओ से वार्ता की जाएगी।