पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा ने मुख्य बाजार में एक बस चालक को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस वाहन चालक को एसपी कार्यालय ले गई और वहां उससे माफीनामा लिखाने के बाद छोड़ा गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर जनाक्रोश भड़क उठा। व्यापार संघ, बस एवं टैक्सी यूनियन और अन्य संगठनों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर बवाल काटा। बाद में सीओ और कोतवाली प्रभारी के मनाने पर मामला शांत हुआ।
हुआ यूं कि मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे मुख्य बाजार से गौरीकुंड के लिए रवाना हो रही विश्वनाथ सर्विस की बस को ड्राइवर विपरीत दिशा से आगे बढ़ा रहा था। इसी बीच पुलिस अधीक्षक भी वहां से गुजर रहे थे। पुलिस ने गलत दिशा से बस लाने पर चालक का चालान कर दिया। एसपी ने अपने गनर और पुलिस जवान से बस चालक को नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन चालक के नहीं उतरने पर पुलिस अधीक्षक स्वयं ही बस में सवार हुए और चालक को थप्पड़ जड़ दिया। वाहन चालकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस कार्रवाई पर रोष जताते हुए हाईवे पर करीब एक घंटे तक हंगामा काटा। उनका कहना था कि चालान करने के बाद एसपी का चालक को थप्पड़ मारना अनुचित था।
सीओ मिथलेश कुमार और कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल लोगों को शांत कराया। सीओ ने बताया कि वाहन को गलत दिशा से लाने और खड़ा करने पर चालक का चालान किया गया था। इधर, उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री किशोरी नंदन डोभाल, आप के संयोजक जोध सिंह बिष्ट और बीबी मंमगाई सभासद संतोष रावत का कहना है कि व्यवस्था सुधारने के बजाय पुलिस मारपीट पर उतारू हो रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व में भी हुई ऐसी घटना
पिछले वर्ष तिलवाड़ा में चेकिंग के नाम पर दुकान में बैठे बुजुर्ग दुकानदार पर चौकी प्रभारी ने थप्पड़ जड़ दिया था। वहीं अगस्त्यमुनि में दो पुलिस जवानों ने एक व्यवसायी के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की थी।
बस स्टाप नहीं होने के बावजूद चालक ने बस को गलत तरीके से खड़ा किया था। इस दौरान एक एंबुलेंस आ गई थी, जिसे आगे बढ़ने के लिए चालक को वाहन हटाने को कहा गया। वह नहीं माना। उसने गनर से भी बदतमीजी की। इस पर मैंने उसे डांटा और उसका चालान किया।
- पीएन मीणा, एसपी रुद्रप्रयाग