वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर भाजपा को रुद्रप्रयाग जनपद की दोनों विधानसभा रुद्रप्रयाग व केदारनाथ में जीत मिली है। रुद्रप्रयाग से जहां भरत सिंह चौधरी लगातार दूसरी बार पार्टी के टिकट से विधायक चुने गए हैं। वहीं, केदारनाथ विस क्षेत्र में भी भाजपा की दस वर्ष के लंबे अंतराल के बाद वापसी हुई है।
रुद्रप्रयाग विस क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी भरत सिंह चौधरी अपने पांच वर्ष के कार्यकाल (2017-22) में किए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच में गए थे। उन्होंने विस में सड़कों का जाल फैलाने के साथ ही स्कूलों में ई-लर्निंग सहित लंबित पेयजल योजनाओं को पूरा कराने के प्रयास किए। वर्ष 2022 में हाईकमान ने फिर विधायक चौधरी पर ही विश्वास जताया और उन्हें रुद्रप्रयाग विस से टिकट दिया। अब, हार-जीत को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर अन्य में कयासबाजी का दौर चलता रहा। 10 मार्च को आए विस चुनाव के परिणाम साफ कह रहे हैं कि चौधरी के पांच वर्ष के कार्यकाल को जनता ने समझा और उन्हें फिर से चुना। साथ ही मोदी मैजिक का भी योगदान शामिल है। चौधरी को ईवीएम वोटिंग में 28647 वोट मिले हैं। उधर, केदारनाथ विस क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी शैलारानी रावत ने भी जोरदार जीत दर्ज करते हुए अपने को फिर से स्थापित किया है। यहां संभावितों की लंबी फेहरिस्त के बाद शैलारानी को टिकट मिलने के बाद अंदरूनी उठापटक के बीच पार्टी के जीत को लेकर कई प्रकार की आशंकाएं थीं, लेकिन यहां प्रत्याशी को ईवीएम वोटिंग में 20678 मत प्राप्त हुए हैं। यह पहला मौका है, जब केदारनाथ विस क्षेत्र में किसी पार्टी प्रत्याशी को बीस हजार से अधिक मत मिले हैं। वर्ष 2002 और 2007 में भाजपा जनपद की रुद्रप्रयाग और केदारनाथ सीट पर जीती थी। उसके बाद, अब फिर से भाजपा ने यहां अपना परचम लहराया है।