रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर श्रीकेदारनाथ धाम, विश्वनाथ मंदिर और भोलेश्वर मंदिर किमाणा में अन्नकूट मेला शुरू हो गया है। यहां आराध्य के स्वयंभू लिंग का पके अनाज से शृंगार कर पूजा-अर्चना की गई है। मंदिर के कपाट रातभर खुले रखे जाएंगे। रविवार सुबह मंदिरों में शृंगार उतारकर गर्भगृह की साफ-सफाई कर पूजा की जाएगी।
शनिवार को केदारनाथ में मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने बाबा केदार की पूजा-अर्चना के बाद स्वयंभू लिंग का चावल, कौंणी और झंगोरा से शृंगार कर ढका। मंदिर में चारों पहर आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान देवस्थानम बोर्ड के कर्मचारियों व तीर्थपुरोहितों की ओर से कीर्तन-भजन का आयोजन भी किया जा रहा है। इधर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में भी भतूज मेला सादगी से मनाया जा रहा है। ऊखीमठ के किमाणा गांव के भोलेश्वर मंदिर में अन्नकूट (भतूज) मेले के तहत स्वयंभू लिंग का भव्य शृंगार किया जा रहा है। इस मौके पर पेंज, बंजपाणी, डंगवाड़ी, भटवाड़ी, पठाली, किमाणा और डुंगर-सेमला के ग्रामीणों ने सामूहिक भोग भी तैयार किया। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष भी भतूज मेला सादगी से मनाया जा रहा है।