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9 परिवारों को भूमि के मालिकाना हक की जगी उम्मीद

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ग्राम पंचायत पाली-फाफंज के सलामी तोक में रहने वाले 9 परिवारों की तीन पीढ़ियों से भूमि के मालिकाना हक को लेकर चला आ रहा संघर्ष अब खत्म होने वाला है। प्रशासन व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम एक पखवाड़े में सलामी तोक का संयुक्त निरीक्षण कर परिवारों के नाम भूमि दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करेगी। एसडीएम ने परिवारों के साथ बैठक कर उनके पास मौजूद भूमि से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन भी किया है।
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एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने मामले में तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे केदारनाथ जीव प्रभाग के अधिकारियों के साथ सलामी तोक का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाएं। सलामी तोक के 9 परिवारों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक देने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। तहसीलदार दीवान सिंह राणा ने बताया कि 26 से 30 नवंबर के बीच वन विभाग के साथ सलामी तोक का निरीक्षण किया जाएगा। इधर, प्रभावित भगत सिंह पंवार, दिलवर सिंह पंवार, दिनेश पंवार, रणवीर पंवार व वीर सिंह पंवार का कहना है कि अब उम्मीद जगी है कि उन्हें भूमि का मालिकाना हक मिल जाएगा। वर्ष 1964 में कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर सड़क का निर्माण हो रहा था। तब, भटवाड़ी में रहने वाले 9 परिवारों की 50 नाली भूमि सड़क निर्माण में नष्ट हो गई थी। साथ ही उनके घरों को भी क्षति पहुंची थी। तब, शासन स्तर पर प्रभावितों को मकानों का मुआवजा दिया गया और नष्ट हुई 50 नाली भूमि के बदले तत्कालीन गढ़वाल कमिश्नर ने सलामी तोक में 50 नाली भूमि का राजस्व पट्टा दिया था। कुछ समय बाद प्रभावित परिवार यहां आकर बस गए लेकिन यह पट्टा राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हो पाया है। इस कारण ये नौ परिवार शरणार्थियों जैसे जीवन यापन को मजबूर हैं। आपदा में मकान व खेतों को क्षति पहुंची लेकिन मालिकाना हक नहीं होने से मुआवजा नहीं मिला।
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