तुंगनाथ घाटी के आपदा प्रभावित उषाड़ा सहित जिले के चार गांवों के 76 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा। इसके लिए 3.24 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से जरूरी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
पिछले साल ऊखीमठ ब्लॉक के ग्राम पंचायत उषाड़ा का ताला व कठाणी तोक भूधंसाव से काफी प्रभावित हुए थे। यहां के 94 परिवारों के पुनर्वास के लिए राजस्व विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा था। भू-गर्भीय टीम की ओर से सर्वेक्षण के बाद पाया गया कि 72 परिवार अति संवेदनशील जोन में हैं। उनका पुनर्वास किया जा सकता है। 22 परिवारों वाले क्षेत्र में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। वहीं, जखोली ब्लॉक के सिरवाड़ी में अतिवृष्टि से 25 परिवार प्रभावित हुए थे। इनमें से एक को पुनर्वास सूची में शामिल किया गया है। वहीं, भूस्खलन प्रभावित पांजणा गांव के 2 और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के धारतोंदला गांव में भी एक परिवार को पुनर्वास की सूची में शामिल किया गया है। इन सभी 76 परिवारों का उन्हीं की अपनी भूमि पर अन्यत्र पुनर्वास होना है। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत, पूर्व जिपं अध्यक्ष लक्ष्मी राणा, दीपक रावत, राजेंद्र सिंह रौथाण आदि का कहना है कि शासन स्तर पर हो रही देरी का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
416 परिवार अब भी कर रहे इंतजार
2013 की आपदा के बाद जिले के प्रभावित क्षेत्रों का भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया गया। राजस्व विभाग की रिपोर्ट और विस्थापन नीति-2011 के आधार पर जिले के 23 गांवों के 472 परिवारों को विस्थापन के लिए चिह्नित किया गया लेकिन सात गांवों के 56 परिवारों का उनकी अपनी अन्यत्र भूमि पर पुनर्वास हो पाया है। शेष 416 परिवार विस्थापन की राह देख रहे हैं।
पुनर्वास सूची में शामिल गांव और परिवार
पुनर्वास सूची में जखोली के तीन गांवों के 192 परिवार, ऊखीमठ के 17 गांवों के 248 परिवार और रुद्रप्रयाग तहसील के 3 गांवों के 32 परिवार शामिल हैं। इन परिवारों में से 411 के पास अपनी अन्यत्र भूमि उपलब्ध है। शेष 61 परिवारों को 250 वर्ग मीटर के हिसाब से सरकारी भूमि पर बसाया जाना था। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए शासन ने 15.52 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए थे। जखोली ब्लॉक का पांजणा गांव भी 13 साल से भूस्खलन का दंश झेलता आ रहा है।
भूधंसाव से प्रभावित ग्राम पंचायत उषाड़ा के 72 परिवारों समेत कुल चार गांवों के 76 परिवारों को पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया है। इन परिवारों के विस्थापन के लिए शासन से बजट भी प्राप्त हो चुका है। तहसील प्रशासन व राजस्व विभाग की कार्रवाई पूरी होते ही उन्हें उनका अन्यत्र भूमि पर पुनर्वास कर दिया जाएगा। शेष परिवारों के मामले में भी कार्रवाई चल रही है।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग