सिविल अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आउटसोर्स के तहत तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार को दो सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सामान्य कामकाज नहीं किया हालांकि आपात सेवाएं चालू रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि नौ दिसंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो आपात सेवाएं भी ठप कर दी जाएगी।
सिविल अस्पताल में इस समय एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन के बैनर तले एनएचएम और आउटसोर्स से जुड़े करीब 30 कर्मचारी तैनात हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से हरियाणा की तरह वेतन देने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को सिविल अस्पताल परिसर में उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन अब लगातार जारी रहेगा। पहले तीन दिन यानी नौ दिसंबर तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान आपात सेवाएं जारी रहेंगी। 10 से सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान आपात सेवाएं भी प्रभावित होंगी। संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष रोशनी नौटियाल ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर रामकेश गुप्ता, संजय कुमार, प्रदीप जोशी, कुलवीर सिंह कैंतुरा, मुन्नी राणा, देवेश्वरी, प्रदीप सिंह नेगी, नीतू बिष्ट, रेनू सैनी, प्रीति डंगवाल, यशवंत सिंह, जगजीवन राम आदि मौजूद थे।
मांग पूरी नहीं हुई तो जारी रहेगा आंदोलन
भगवानपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने मंगलवार को भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रदर्शन किया। कर्मचारी जगदीश सिंह नेगी, उपेंद्र बगवाडी, सुशांत बडोला, मोनिका पंत, निर्मल पोखरियाल, कविता चौहान, ममता रावत, सोफिया खातून, रश्मि, पुष्पा देवी, रेखा सैनी, मोहित कुमार आदि ने बताया कि हरियाणा सरकार की तरह ही उत्तराखंड सरकार भी ग्रेड पे लागू करे। मांग नहीं माने जाने पर धरना लगातार जारी रहेगा। संवाद