रुड़की। पुरानी पेंशन बहाली सहित 18 सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन के पहले चरण में कर्मचारी छह से 19 सितंबर तक जिले में गेट मीटिंग भी कर चुके हैं। अब अपनी मांगों को लेकर समिति को कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा।
मंगलवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान पर सिविल अस्पताल में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। ऐसे में वहां पहुंचे मरीजों को दो घंटे परेशान होना पड़ा। हालांकि इस दौरान आपात सेवाएं प्रभावित नहीं की गई थीं। समिति से जुड़े और डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिला मंत्री एसपी बडोला ने बताया कि समिति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक संघर्ष करती आ रही है, लेकिन सरकार उन्हें दरकिनार कर रही है। अब अपनी 18 सूत्री मांगों को लेकर समिति ने 25 अक्तूबर तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार करना शुरू किया है। यदि सरकार आगे उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं देती है तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। बताया कि उनकी मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन बहाल किए जाने, प्रदेश के सभी कार्मिकों को 10, 16, व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति नहीं होने पर वेतनमान बढ़ाया जाए, गोल्डन कार्ड की विसंगति दूर कर केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सीजीएचएस की व्यवस्था लागू की जाए। इस दौरान निशिकांत चौधरी, रवि धामा, वीसी ममगाईं, पवन कश्यप, निकुल, बिलाल, सलमान, विपिन, ज्योति, विनोद, संदीप और शालू आदि मौजूद रहे।