रुड़की। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की डीजी पे सखी योजना के तहत रुड़की ब्लॉक के स्वयं सहायता समूह की 13 महिलाओं को फिंगरप्रिंट डिवाइस दी गई है। इस डिवाइस के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसे का लेन-देन कर सकती हैं। साथ ही सीएससी पर आने वाले अधिकतर काम भी इस मशीन से करके महिलाएं अपनी आर्थिकी सुधार सकती हैं।
केंद्र ने सीएससी से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत बनाए गए स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं को जोड़ने के लिए डीजी पे सखी योजना शुरू की गई है। इसके तहत ब्लॉक कार्यालय में बीते शनिवार को रुड़की ब्लॉक की 13 अलग-अलग समूह की सबसे एक्टिव महिला का चयन कर उन्हें फिंगरप्रिंट डिवाइस दी गई है। सीएससी के जिला कोआर्डिनेटर भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि 13 महिलाओं को सीएससी की ओर से एक-एक सिंगल फिंगरप्रिंट डिवाइस दी गई है। इस डिवाइस से महिलाएं अपने गांव में समूह की अन्य महिलाओं के साथ ही गांव के लोगों के साथ पैसे का लेनदेन कर सकती हैं। बताया कि महिलाएं चाहे तो सीएससी सेंटर खोलकर 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमा सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रिंटर और कंप्यूटर या लैपटॉप आदि की व्यवस्था करनी होगी। इस डिवाइस से महिलाएं आयुष्मान कार्ड, श्रमकार्ड, किसान पेंशन कार्ड आदि भी बना सकती हैं। इस मौके पर एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक रोमा सैनी, एरिया कोआर्डिनेटर हेमंत कुमार के अलावा डिवाइस प्राप्त करने वाली महिलाएं रेखा, सोनिया, मोनिका, निशा, पिंकी, रचना, रेनू, सुमन और पूजा शर्मा आदि मौजूद थीं।