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गणपति को लड्डू का भोग लगाकर की आरती

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रुड़की स्थित लक्ष्मी नारायण घाट पर गणपति विसर्जन से पूर्व पूजन में भाग लेते श्रद्धालु। - फोटो : ROORKEE
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रुड़की। गणेश चतुर्थी के तीसरे दिन शहर और देहात में मंदिरों और घरों में विराजमान गणपति को श्रद्धालुओं ने लड्डू का भोग लगाया और उनकी आरती की। आईआईटी में भी श्रद्धालुओं ने तीसरे दिन गणपति बप्पा मोरिया के नारे लगाते हुए उनकी प्रतिमा का गंगनहर में विसर्जन किया।
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शुक्रवार को भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी को श्री गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत हुई थी। इस शुभ घड़ी में श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता भगवान गणेश को घरों और मंदिरों में विराजमान किया था। गणेश चतुर्थी के तीसरे दिन रविवार को हर मिलाप धर्मशाला, पंचायती धर्मशाला, गणेशपुर मंदिर, सीबीआरआई और आईआईटी के अलावा शहर में अन्य जगह भी लोगों के घरों और मंदिरों में विराजमान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान सुबह ही श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को स्नान कराकर उनकी पूूजा की। इसके बाद भगवान को लड्डू का भोग लगाकर आरती की गई। पंडित राकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि हालांकि शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी 10 दिन की होती है। 10 दिन बाद अनंत चतुर्दशी को घरों में विराजमान श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन होता है। हालांकि अब विसम संख्या जैसे एक, तीन, पांच को श्रद्धालु श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन कर देते हैं। रविवार को आईआईटी में विराजमान श्रीगणेश की प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन किया गया। इसके अलावा अंबर तालाब, साकेत आदि मोहल्ले के लोगों ने गंगनहर पहुंचकर श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया। उन्होंने बताया कि अब अनंत चतुर्दशी तक श्रीगणेश की पूजा-अर्चना होगी। साथ ही प्रतिमा का विसर्जन भी होता रहेेगा।
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