11वीं के छात्र की गोली मारकर हत्या करने से आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे, नौकरी और खुलासे की मांग को लेकर रविवार सुबह शव सड़क पर रखकर मंगलौर-देवबंद रोड को फिर से जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक रोड पर आवागमन ठप होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से लिखित में आश्वासन देने के बाद आक्रोशित भीड़ ने जाम खोला और छात्र का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
दो दिन से लापता राज सिंह उर्फ मनजीत (18) पुत्र अशोक निवासी लहबोली की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शनिवार देर शाम छात्र का शव मखदूमपुर स्थित गन्ने के खेत से मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया था, लेकिन ग्रामीणों ने रात में ही पोस्टमार्टम कराने और खुलासे की मांग को लेकर मंगलौर-देवबंद रोड पर जाम लगा दिया था। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने रात में पोस्टमार्टम कराने और 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर रास्ता खुलवाया था। साथ ही तत्काल शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की सिविल अस्पताल भेजा था। रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजा, नौकरी और खुलासे की मांग को लेकर मंगलौर-देवबंद रोड फिर से जाम कर दिया।
सुबह नौ बजते ही मृतक छात्र के घर के बाहर ग्रामीण सड़क पर शव लेकर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल मौके पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन व मृतक के परिजनों से वार्ता की। परिजनों और ग्रामीणों ने उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को प्राइवेट नौकरी, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सरकारी भूमि में पट्टे अलॉट कराने की मांग की। प्रशासन उनकी मांगों पर राजी हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने लिखित में आश्वासन देने की मांग की। एएसडीएम विजय नाथ शुक्ला, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल, सीओ मंगलौर पंकज गैरोला और विधायक देशराज कर्णवाल ने मांगों को लेकर लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद करीब एक बजे ग्रामीणों ने मार्ग को खाली कर छात्र का अंतिम संस्कार किया।
घर का इकलौता चिराग था मनजीत
मनजीत की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह घर का इकलौता चिराग था। घर में माता-पिता के अलावा अब सिर्फ दो बहने हैं। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने परिजनों को सांत्वना दी। पिता अशोक बताते हैं कि मनजीत पढ़ाई में बहुत होनहार था। वह मन लगाकर पढ़ाई करता था। दो बहनों का इकलौता भाई था, इसीलिए घर में सब उसे बहुत प्यार करते थे।
छात्र से पैसे उधार लेकर कार से गया था मंजीत
अशोक कुमार निवासी लहबोली ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा राज सिंह उर्फ मनजीत शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से मखदूमपुर स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर इंटर कॉलेज के लिए निकला था। खेल प्रतियोगिता के कारण करीब सुबह 10:30 बजे ही छुट्टी हो गई थी, लेकिन देर शाम तक मनजीत घर नहीं लौटा। परिजनों को चिंता सताने लगी तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। अशोक कुमार के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर ही शेरपुर निवासी एक छात्र घर आया था। उसने बताया कि मनजीत ने सुबह उससे तीन हजार रुपये उधार लिए थे और कहा था कि शाम को घर आकर ले जाना। इसके बाद मनजीत फिर उससे मंगलौर-देवबंद रोड पर लहबोली के समीप पीर वाले स्कूल पर मिला और बताया कि वह कहीं बाहर जा रहा है। इसीलिए, उसे 200 रुपये की और जरूरत है। छात्र के मुताबिक, मंजीत लाल रंग की स्विफ्ट में बैठकर चला गया।
घटनास्थल पर पहुंचे सभी पार्टियों के नेता
छात्र की हत्या के बाद मौके पर सभी पार्टियों के नेताओं का तांता लगा रहा। शनिवार देर शाम को शव मिलने के बाद से ही नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। अधिकतर नेता रविवार सुबह मृतक के घर पहुंचे और परिजनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। कांग्रेस की ओर से पूर्व दर्जाधारी चौधरी आदित्य राणा और परवेज अहमद ने मोर्चा संभाला। बसपा की ओर से पूर्व विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी और भाजपा से झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल डटे रहे। आम आदमी पार्टी के मंगलौर विधानसभा प्रभारी नवनीत राठी, आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी से मोनिस काजमी, प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह समेत अन्य ने परिजनों को ढांढस बंधाया। कश्यप समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कश्यप सहित अन्य नेता भी मौके पर पहुंचे।
मुआवजा और खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलौर-देवबंद रोड जाम किया था। लिखित में आश्वासन के बाद जाम खोल दिया। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की कई टीमों का गठन कर हत्याकांड के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात