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कार्ट की कीमत को लेकर वेंडरों में गुस्सा

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वेंडिंग जोन में लगने वाले स्मार्ट कार्ट (खोखे) की कीमत को लेकर समाजसेवियों और पार्षदों ने लघु व्यापारियों के पक्ष में लघु व्यापार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सहायक नगर आयुक्त के कार्यालय में मामले को लेकर पार्षदों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक हो गई। इस दौरान वेंडरों ने भी जमकर नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख पुलिस बुलानी पड़ी।
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नगर निगम पुल से बीएसएनएल कार्यालय के बीच स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाया जाना है। लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा और अन्य पदाधिकारियों ने वेंडिंग जोन के लिए एक एजेंसी से स्मार्ट कार्ट को लेकर संपर्क किया। कंपनी के अनुसार, कार्ट की कीमत 1.08 लाख रुपये है। इस कीमत को लेेकर लघु व्यापारियों एक बड़ा समूह नाराज है। सोमवार को वैद्य टेक वल्लब, पार्षद बेबी खन्ना, नितिन त्यागी, चारु, राकेश गर्ग, आशीष अग्रवाल, अनूप राण आदि के साथ वेंडर सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट के कार्यालय पहुंचे। यहां लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा पहले से ही मौजूद थे। वेंडरों के साथ पहुंचे समाजसेवी वैद्य टेक वल्लभ ने कहा कि कार्ट की बाजार कीमत कम है, लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारी उसे महंगे दामों पर दे रहे हैं। कार्ट न लेने पर लघु व्यापारियों का ठीहा समाप्त करने की धमकी दी जा रही है।
कहा कि इसे कतई बरदाश्त नहीं किया जाएगा। जो लघु व्यापारी पहले से ही वहां है, उसी को प्राथमिकता दी जाए। संजय चोपड़ा ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि मानकों के अनुरूप कार्ट तैयार किया गया है। उसकी कीमत अधिक नहीं है। इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला बिगड़ने लगा। पार्षद भड़क गए और उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्ति की शहर में मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। इसी बीच किसी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। वहीं, अन्य लघु व्यापारियों ने एसोसिएशन पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षदों ने कहा कि कार्ट को कम से कम कीमत में तैयार कराया जाएगा। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि वेंडिंग जोन और उसमें कार्ट को स्थापित कराने का मकसद केवल बाजार को व्यवस्थित किया जाना है। कार्ट मानकों और निर्धारित साइज में होना चाहिए। लघु व्यापारी को जहां से भी कम कीमत पर मिले, वह उसे खरीद सकते हैं।
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