रुड़की। एमबीए और पीजीडीएम पाठ्यक्रम मेें प्रवेश लेने के बाद बीमारी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाने पर उपभोक्ता फोरम ने दोनों शिक्षण संस्थानों को फीस लौटाने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि सिविल लाइंस निवासी शिवम सिंघल ने एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अलाइंस यूनिवर्सिटी बंगलूरू में चार लाख रुपये कारपोरेशन बैंक मुजफ्फरनगर के माध्यम से जमा कराए थे। यही नहीं इसी छात्र ने पीजीडीएम पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नोएडा को 50 हजार रुपये अदा किए थे। लेकिन छात्र बीमारी के कारण कक्षा में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाया और दोनों ही शिक्षण संस्थानों से प्रवेश वापसी के लिए आवेदन कर फीस वापसी की मांग की। लेकिन अलाइंस यूनिवर्सिटी ने चार लाख में से साढ़े तीन लाख रुपये वापस कर दिए थे। लेकिन 50 हजार रुपये नहीं लौटाए। इस पर शिवम सिंघल ने फीस वापसी के लिए उपभोक्ता फोरम मुजफ्फरनगर का दरवाजा खटखटाया। फीस मुजफ्फरनगर के बैंक के माध्यम से जमा की गई थी इस आधार पर फोरम ने क्षेत्राधिकार मानते हुए इस मामले में फैसला दिया। फोरम ने दोनों संस्थानों को यूजीसी के नियमों के नियमों के मुताबिक अधिकतम एक हजार रुपये की कटौती कर दोनों संस्थानों को 49000-49000 रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देने को भी कहा है।