पिरान कलियर। हजरत साबिर पाक के सालाना उर्स के समापन पर आल इंडिया नातिया मुशायरा में देशभर से आए शायरों ने कलाम के माध्यम से हजरत मोहम्मद साहब और मखदूम साबिर पाक की शान में नजराने पेश किए।
अजमेर शरीफ स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के गद्दीनशीं सैयद पीर गुलाम रसूल चिश्ती की अध्यक्षता में हुए मुशायरे में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए गए। इस दौरान भोपाल से आए शायर जलाल महकश ने पढ़ा कि मरीजे इश्के नबी है तो मेरा साथ चल, तुझे मिलेगी यकीनन शिफा मदीने में। शायर रौनक मुशव्विर शाहजहांपुरी ने कहा कि इस तरह रोजे अजल नूरे खुदा रोशन हुआ, अपने पैकर को जो देखा आइना रोशन हुआ। उस्ताद शायर कमर कहकशनी ने फरमाया कि रोशन है जिससे दोनों जहां वो कमर हैं आप, जिसकी नहीं है शाम कभी वो शहर हैं आप। इसके अलावा इनाम साबिर नाज, वकील अमेठवी, अलीम वाजिद, सज्जादा कहकशानी, उस्मान गनी, कय्यूम बिस्मिल, अंबर खरबंदा, अर्शी कलियरी, नफीस राष्ट्रभक्त, सागर कलियरी, मुफ्ती सलीम आदि ने भी अपने कलाम पेश कर वाहवाही लूटी। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, समाजसेवी डा. संगीता अग्रवाल, जावेद साबरी, फादर दयाल एमलाल, सरदार सुरजीत सिंह चंधोक, कुंवर जावेद इकबाल, फादर ए गैब्रियल एवं गौरव गोयल, इमरान देशभक्त आदि मौजूद रहे।
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जश्ने ख्वाजा शमशुद्दीन मनाया
पिरान कलियर। सूफी इसरार साबरी की ओर से रविवार की देर रात जश्ने ख्वाजा शमशुद्दीन मनाया गया। इस दौरान खतम शरीफ हुआ और इसके बाद दरगार साबिर पाक में चादर चढ़ाई गई। जिसके बाद महफिले शमा का आयोजन किया। जिसमें शायरों के कलाम ने हजरत मुहम्मद साहब और साबिर पाक की शान में कसीदे पढ़े। कार्यक्रम के बाद लंगर तकसीम किया गया। इस मौके पर सज्जानशीन के प्रतिनिधि शाह सुहेल, बाबा काले शाह, बाबा नौबत अली, डा. बाबर, सईद कुरैशी, सूफी सलीम, जावेद साबरी, आदि मौजूद रहे।