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टेंपो चालकों के हंगामे से परिवहन विभाग की टूटी नींद

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टेंपो और निजी बस चालकों का विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। गुस्साए टेंपो चालकों ने बुधवार को हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही बस चालकों पर कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ता देख परिवहन विभाग के अधिकारियों की कुंभकरणीय नींद टूटी और सड़क पर उतरकर बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान सात बसों का चालान किया गया।
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टेंपो और बस चालकों में मंगलवार को रूट को लेकर विवाद हो गया था। टेंपो चालकों ने निजी बस चालकों पर गलत रूट पर बस चलाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से बात कर निर्धारित रूट पर ही बस चलाने की बात कही थी। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन बुधवार को टेंपो चालक फिर भड़क उठे। निजी बस चालकों पर कार्रवाई न होने से नाराज टेंपो चालकों ने जमकर नारेबाजी की। करौंदी गांव के पास परिवहन विभाग के चेक पोस्ट पर बड़ी संख्या में टेंपो चालक एकत्रित हुए और बसों को बंद करवाने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलते ही परिवहन विभाग के अधिकारी पहुंचे और निजी बसों के खिलाफ अभियान चलाया।
इस दौरान एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने सात निजी बसों का चालान किया। साथ ही निर्धारित रूट पर बसें चलाने के निर्देश दिए। उधर, टेंपो चालक पप्पू, सतीश कुमार, फारूख, राजू, अफजल, नवीन, रहमान, सलमान, मन्नवर, हारुन, तसलीम और सूफियान आदि का कहना था कि करीब 40 प्राइवेट बस सहारनपुर से भगवानपुर होते हुए रुड़की पहुंच रही हैं जबकि निजी बसों का रूट भगवानपुर से चुड़ियाला होते हुए इकबालपुर से रुड़की है। रूट पर बस न चलने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा ने बताया कि निजी बसों को निर्धारित रूट पर चलाने के निर्देश दिए हैं।
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