मंगलौर। निखिल हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिया। आरोपियों का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, दो आरोपी अभी फरार है। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
कोतवाली क्षेत्र के वसंत विहार निवासी उपेंद्र मलिक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह जल संस्थान में ठेकेदारी करते हैं। उनके साथ भतीजा निखिल (17) भी रहता है। 13 सितंबर को दोपहर में एक अन्य ठेकेदार अरविंद से उनके भतीजे की कहासुनी हो गई थी। उसी दिन शाम को अरविंद ने साथियों के साथ मिलकर कमरे में सो रहे उनके भतीजे निखिल पर लोहे की पाइप व धारदार हथियारों से हमला बोल दिया था। गंभीर रूप से घायल निखिल को चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया था। 19 सितंबर को ऋषिकेश एम्स में उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पीड़ित के चाचा ने पुलिस को तहरीर देकर चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तभी से पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश कर रही थीं।
बृहस्पतिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मंगलौर-रुड़की के बीच हाईवे पर खड़े हैं। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अनुज, अर्जुन और जोनी निवासी ढकदेई थाना नागौर जिला सहारनपुर बताया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिया। कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि हत्याकांड में ठेकेदार अरविंद की संलिप्तता की जांच की जा रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में कोतवाल प्रवीण कोश्यारी, कुलविंदर रावत, एनके बचकोटी, प्रभाकर थपलियाल, दीपक नेगी आदि शामिल रहे।