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होटल बुक करने के नाम पर हजारों की ठगी

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साइबर ठगों ने ठगी करने का ट्रेंड बदल दिया है। अब साइबर ठगों ने होटल बुक कराने के नाम पर ठगी करने का नया तरीका अपनाया है। ऐसा ही एक मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस भी हैरत में पड़ गई। एक होटल मैनेजर ने होटल बुक कराने के नाम पर हजारों की ठगी की शिकायत की है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक होटल के मैनेजर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक सप्ताह पूर्व एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने बताया था कि उन्हें एक कार्यक्रम के लिए होटल बुक कराना है। कार्यक्रम में करीब चार सौ लोगों का खाना बनना है। इस पर उन्होंने रजिस्टर में कॉल करने वाले का नाम और पता दर्ज कर लिया। कार्यक्रम की तिथि से दो दिन पहले फिर उस व्यक्ति की कॉल आई और उसने बताया कि कार्यक्रम कैंसल हो गया है। इस पर मैनेजर ने पूरी तैयारी होने की बात कही तो वह पूरा खर्चा देने की बात कहने लगा। साथ ही उसने मोबाइल पर गूगल-पे नंबर मांगा और रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद उसने मोबाइल पर एक लिंक भेजा। साथ ही लिंक खोलकर चेक करने की बात कही। उन्होंने लिंक खोलकर चेक किया तो कुछ नहीं मिला जबकि कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से 28 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो वह बंद आया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी अभिनव शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
सावधान! साइबर क्राइम का बदला ट्रेंड, लूट रहे लोग
सख्ती बढ़ने के बाद लिंक और रुपये पहले पेटीएम पर भेज कर रहे ठगी
न ओटीपी नंबर और न ही कार्ड नंबर, फिर भी खाते से निकाल रहे रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। सावधान! साइबर ठगों ने पुलिस की सख्ती के बाद साइबर क्राइम करने का ट्रेंड भी बदल दिया है। नए ट्रेंड से साइबर ठग लोगों के खातों को खाली कर रहे हैं। साइबर ठग ओटीपी नंबर और कार्ड नंबर नहीं पूछ रहे हैं। बस एक लिंक भेजकर खाते से रकम साफ कर रहे हैं। ऐसे कई मामले रुड़की पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। साइबर क्राइम के नए ट्रेंड से पुलिस भी हैरत में है।
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ऐसे करें बचाव
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में न आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड मजबूत रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
- किसी भी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक को न खोलें।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। जागरूकता से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। पुलिस और साइबर सेल की टीम लगातार साइबर ठगों पर शिकंजा कस रही है। हाल ही में भगवानपुर पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। -प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी देहात
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